एक अच्छे इंसान के गुणों का वर्णन

आइये जानते हैं एक अच्छे इंसान को कैसा होना चाहिए (ek ache insan ke guno ka varanan)। हमको अच्छे और नैतिक गुण अपनाने चाहिए और एक बेह्तर इंसान बनना चाहिए। कभी कभी हम्को ये पाता भी लगाना चहिये की हम अच्छे इंसान हैैं या नहींी  ?

क्योंकि हमें हमारी अच्छाइयों और बुराइयों का अंदाज़ा तो होता है,

हम में से हर कोई चाहता हैं कि हम सबकी मदद करें, सच का साथ दें और सबका भला सोचें और आज जब ये सवाल हमारे सामने आ ही गया है कि एक अच्छे इंसान को कैसा होना चाहिए, एक अच्छे इंसान के गुणों का वर्णन  करते हैं.






एक अच्छे इंसान के गुणों का वर्णन (ek ache insan ke guno ka varanan)

सबसे पहला सवाल 

आप अपने आप से यही पूछिए कि क्या अच्छे इंसान को आप जैसा होना चाहिए? ऐसा सवाल करके आप खुद के बारे में जान सकेंगे कि आप में अच्छाइयां क्या क्या है, आपकी कौनसी आदतें बुरी हैं, आप खुद में क्या पसंद करते हैं जिसे आप हर व्यक्ति में देखना चाहते हैं और आपको खुद में ऐसा क्या नापसंद है जो आप किसी भी व्यक्ति में नहीं देखना चाहते।

ऐसे सवाल आपको अपने बारे में बहुत कुछ बता देंगे और आप ये समझ पाएंगे कि आपको क्या अपनाने और क्या छोड़ने की ज़रूरत है ताकि आप एक अच्छे इंसान बन सकें और हमेशा बने रह सकें।

ये आप स्वयं ही तय कर सकते हैं कि अच्छा इंसान कैसा होता है इसलिए सबसे पहले आप इस कसौटी पर खुद का आकलन कर लीजिये।

दूसरा सवाल-

ईमानदारी 

ईमानदारी एक ऐसा गुण है जो किसी समय और काल का मोहताज नहीं होता और हर समय में इसका महत्व और जरुरत एक सी होती है। एक अच्छा इंसान वही है जिसमें ईमानदारी का गुण हो।

जिसे अपने हर कर्तव्य और अपने हर रिश्ते में ईमानदारी बरतना आता हो, जिसकी बातों में सच्चाई हो और बेईमानी और फरेब से जिसका दूर-दूर तक कोई वास्ता न हो। जो सच का साथ देता हो और ऐसा करते समय निडर रहता हो। अब खुद से पूछिए – क्या आप ईमानदार हैं?

तीसरा सवाल-

एक अच्छा इंसान वो व्यक्ति है जो सबको सम्मान देता हो। चाहे परिचित हों या कोई अनजान व्यक्ति, सबसे इज्जत से पेश आता हो। बड़ों का सम्मान करता हो और छोटे के प्रति प्रेम रखता हो।

जो किसी भी परिस्थिति में, किसी भी उम्र के व्यक्ति का अपमान ना करें और शालीनता से व्यवहार करे, वही अच्छा इंसान है। अब खुद से पूछिए – क्या आप सबका सम्मान करते हैं?

चौथा सवाल- 

एक अच्छा इंसान अपने जैसे हर एक व्यक्ति के प्रति समान भावना रखता है, सबको एक जैसा समझता है और किसी तरह का भेदभाव या तुलना नहीं करता है।

धर्म, जाति और आर्थिक स्तर पर किसी के व्यक्तित्व को आंकने की बजाए, एक अच्छा इंसान दूसरे लोगों की भावनाओं और व्यवहार को महत्व देता है। अब आप खुद से सवाल कर सकते हैं – क्या आप सबको समान समझते हैं?

पाँचवां सवाल- 

अच्छा इंसान

एक अच्छा इंसान हर समय सबके हित के बारे में सोचता है। उसका प्रयास यही होता है कि सबका भला हो और उसकी बातों से किसी को ठेस ना लगे बल्कि वो अपनी कोशिशों से लोगों को खुश कर सके। किसी की सफलता से जलना और किसी की तकलीफ में खुश होना एक अच्छे इंसान को नहीं आता।

वो अपनी खुशियों में सबको शामिल करना चाहता है और सबके गमों में साथ खड़ा रहता है। अब आप सोचिये – क्या आप सबका भला सोचते हैं?

छठा सवाल-

एक अच्छा इंसान अपनी जिम्मेदारियों को सहर्ष अपनाता है और उन्हें बखूबी निभाने की हर संभव कोशिश भी करता है। जिम्मेदारी चाहे परिवार की हो, समाज के प्रति हो या दुनिया के प्रति हो, अपने हर रिश्ते को बेहतर तरीके से निभाने और हर उतार-चढ़ाव में संभालने की ज़िम्मेदारी एक अच्छा इंसान सहज ही स्वीकार लेता है। अब आप खुद से पूछ सकते हैं- क्या आप जिम्मेदार हैं?

सातवाँ सवाल-

एक अच्छा इंसान हमेशा सबकी मदद करने के लिए तैयार रहता है क्योंकि उसका ये मानना होता है कि इंसान ही इंसान के काम आता है। ज़रूरत चाहे अपनों को हो या अनजाने लोगों को, एक अच्छे इंसान को इससे फर्क नहीं पड़ता। वो तो मदद करने के अपने लक्ष्य को पूरा करनी की कोशिश में लगा रहता है।

फिर चाहे किसी को हॉस्पिटल पहुँचाना हो या किताबों, कपड़ों और खाने के सामान के ज़रिये किसी ज़रूरतमंद की मदद ही करनी हो, अच्छा इंसान किसी भी तरह की मदद करने में कभी पीछे नहीं हटता। अब आप खुद से पूछ सकते हैं – क्या आप सबकी मदद करते हैं?

आठवां सवाल- 

शांत और शालीन

एक अच्छे इंसान का स्वभाव शांत और शालीन होता है और उसे अपने किये कार्यों पर घमंड भी नहीं होता। उसमें कितनी भी योग्यता और क्षमताएं क्यों ना हो, वो स्वयं को ऊँचा और सामने वाले को नीचा नहीं दिखाता।

ऐसे व्यक्ति में गुस्से और ईर्ष्या जैसे भाव भी नहीं होते बल्कि उसका व्यक्तित्व शांत और हंसमुख होता है जिसे देखकर किसी परेशान व्यक्ति के चेहरे पर भी मुस्कराहट आ जाये। अब आप खुद से जानिये- क्या आप में गुस्सा और अभिमान नहीं है?

नौवां सवाल- 

एक अच्छा इंसान भी ग़लतियाँ तो करता है लेकिन उन्हें दोहराता नहीं है। हर बार अपनी भूल से सीख लेकर उसे सुधारना और दोबारा वही ग़लती नहीं करना एक अच्छे इंसान की पहचान होती है।

ऐसा व्यक्ति अपनी ग़लतियों की जिम्मेदारी खुद लेता है और उसे दूसरों पर डालने की बजाये उन्हें सुधारने पर ध्यान देता है। अब आप स्वयं से जानिये – क्या आप अपनी ग़लतियों से सीख लेते हैं?

दसवां सवाल-

एक अच्छा इंसान अपनी ग़लतियों के लिए माफी मांगने में संकोच नहीं करता और ना ही दूसरों की ग़लतियों के लिए उन्हें माफ करने में देर करता है। उसका नजरिया उदार होता है, वो ग़लतियों की बजाये रिश्तों को महत्व देता है और माफ करके खुद का और सामने वाले के मन का बोझ हल्का करना जानता है।

उसका यकीन इस बात में होता है कि भूलों को भूल जाओ और अपनों को याद रखो। अब आप खुद से पूछिए – क्या आप में माफ करने की उदारता है?

एक अच्छे इंसान को कैसा होना चाहिए, ये तो आपने जान लिया है, लेकिन इनके अलावा भी एक अच्छे इंसान में बहुत सी खूबियां मौजूद होती हैं जिन्हें आप खुद में या अपने आसपास के लोगों में देख सकते हैं। आज हमने खुद से जो सवाल किये हैं, उनसे हमें इतना तो पता चला ही है कि हम कैसे हैं और हम कैसे बनना चाहते हैं।

तो बस, देर किस बात की। अपने इन जवाबों के साथ अपने लिए अच्छे इंसान की वो सारी खूबियां इकट्ठी कर लीजिए जिन्हें आप खुद में देखना चाहते हैं।

अच्छे इंसान की एक ऐसी खूबी भी है, जिसे अपनाकर आप बाकी सारी अच्छाइयों को भी अपनी तरफ बुला सकते हैं, और वो खूबी है- हर इंसान में छिपी अच्छाई को देख पाना और उसे सराहना। अगर आप ऐसा नजरिया अपना लेंगे तो बहुत सारी अच्छाइयां आप में खुद-ब-खुद आ जाएँगी।

एक अच्छे इंसान के गुणों का वर्णन  कि ये जानकारी आपको पसंद आयी होगी 

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